अब्बु और भाई- 2 – बाप बेटी की चुदाई कहानियाँ

हेल्लो अन्तरवासना के पाठकगण, मैं आपकी फ़ेवरेट आरज़ू। माफ़ी चाहती हू कि कल मैं अपनी कहानी पूरी नहीं कर पाई क्योंकि एक अरजेन्ट कॉल आया था सो आज मैं अपनी कहांनी वहीं से पूरी करती हूं जहां से अधूरी छोड़ी थी ।

जैसा कि मैं बता चुकी हूं कि मैं ब्ल्यू फ़िल्म देख कर अब्बु से ज़िद्द करी कि मुझे भी चार आदमियों से एक साथ चुदाना है तब अब्बु ने कहा कि अभी तो तेरा भैया और मैं ही हूं, हां ! कल ज़रूर तूझे चार आदमियों से चुदवा दूंगा और उसके बाद अब्बु ने नये तरीके से मेरी बुर चूसी जी से आप पार्ट एक में पढ़ सकते है।

अब बात आगे बढाती हूं।
तो अब मैं अब्बु के कन्धे पर अपने दोनो पैर लपेटे उनका लण्ड चूस रही थी और अब्बु मेरी चूत को चूस रहे थे और वही किनारे मेरा भैया अपने लण्ड को हाथ में लेकर खड़ा था तब अब्बु ने मुझे नीचे लेटा दीया और भैया से कहा आओ बेटे आज साली कि चूत कि दोनों मिलकर धज्जीयाँ उड़ा देते है साली ब्ल्यू फ़िल्म देख कर चार लोगों से एक साथ चुदाने कि ज़िद्द कर रही है तो आज तो हम दोनों ही चार के बराबर चुदाई कर देते है बाकि कल बुरमरानी को चुदाता हूं चार मुस्टण्डों से!

और फ़िर अब्बु मेरी चूत के मु्ंह पर अपने लण्ड को रगड़ने लगे और भैया मेरे सर के पास मेरे मुँह पर आया और अपने लण्ड को मेरे हाथ में देकर चूसने को बोला।

तब मैं भैया के तगड़े लण्ड को हाथ से सहलाने लगी और अब्बु जी ने अचानक बुर पर चिकोटी काट ली और मेरी बुर के दाने के साथ छेड़खानी करने लगे आज वाकई अब्बु के साथ अलग ही तरह का मज़ा मिल रहा था जो पहले कभी नहीं मिला था।

उधर भैया ने अपना लण्ड मेरे मुँह में डाल दीया और मैं मज़े से चूसने लगी अब्बु जी भी अब मेरी बुर पे अपनी जबान रख कर चाटने लगे और फ़िर मैं भी अपने चूतड़ नीचे से उचकाने लगी अब मेरे मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी- आआह्हह्ह आआअह्हह अब्बु जी बहुत मज़ा आ रहा है चूस डालो मेरी बुर को… पी जाओ साली को बहुत खाज मचती है इसमे आआह्हह्ह आज सारी खाज मिटा दो!

अब अब्बु ने अपनी जबान किसी लण्ड कि तरह अन्डर धकेल दी और मथनी कि तरह मथने लगे मेरी बुर को।

अब मुझे दो तरफ़ा मज़ा मिल रहा था एक तरफ़ भैया लण्ड मुँह में डाले था और अब्बु मेरी चूत को चूस रहे थे तब ही मैं आआह्हह आआअह्हह करते हुए झड़ गई और अब्बु मेरे सारे रस को बड़े मज़े से चाट गये और फ़िर भैया भी जोरदार धक्के मेरे मुँह में लगाते हुए झड़ गया उसके बाद थोड़ी देर तक हम लोग सुस्त से पढ़े रहे।

करीब 20 मिनट बाद अब्बु ने कहा अब बेटा, इसकी चुदाई करनी है वो भी इस तराह कि साली ब्ल्यू फ़िल्म कि चुदाई भूल जाय और ये कहकर मेरी चूंची को कसकर दाब दिया और भैया मेरी पीठ के पीछे से चिपक गया अब मैं अब्बु और भैया के बीच में पिसी जा रही थी।

आगे से अब्बु अपने सीने से कसकर मेरी दोनों चूची दाबे हुए मेरे लबों को चूस रहे थे और पीछे से मेरा भैया अपने दोनों हाथ से मेरी बुर कि दरारों को कुरेद रहा था और उसका 9′ का कड़ा लण्ड मैं अपनी गाण्ड पर साफ़ महसूस कर रही थी।

तब ही भैया ने गप्प से अपनी एक अंगुली मेरी चूत में डाल दी और अब्बु तो अब बकायदा मेरी एक चूंची के निप्पल को मुँह में दाब कर अपने होंठ से मसल रहे थे और दूसरी चूंची को हाथ से बहुत बेदरदी से दबा रहे थे।

मैं सिसक रही थी- आआह्हह अब्बु ज़रा धीरे धीरे दबाइये बहुत दर्द हो रहा है

और फ़िर अब्बु ने कहा- बेटा अब ज़रा आसन लगाने दे आज एक साथ दो लण्ड तेरी बुर में डलाउंगा तब मैंने कहा अब्बु जी आपके पास तो एक ही है।

तब अब्बु ने कहा- अरी छिनाल! ज़रा सबर तो कर और पीछे देख, तेरे भैया का लण्ड भी तो है और ये कहकर वो बेड पर लेट गये उनका लण्ड किसी साप कि तरह फ़ुफ़कार रहा था।

इस उम्र में भी अब्बु का लण्ड बहुत मोटा और लम्बा था मेरा दिल अन्डर से डर रहा था कि आज मेरी नन्हीं सी चूत का क्या होगा ?

तब अब्बु ने कहा मेरी प्यारी बेटी तू अपनी चूत को मेरे लण्ड पे रख कर बैठ जा और मैं अपने दोनो पैर छितरा कर उनके लण्ड पर बैठ गई और फ़िर उनका लण्ड थोड़ा सा मेरी चूत में घुस गया।

तब अब्बु ने कहा- अब तू मेरी तरफ़ झुक जा !

और जैसे ही उनका पूरा लण्ड मेरी चूत में घुस गया और मैं जब झुकी तो अब्बु ने अपने दोनों हाथ से मुझे अपनी तरफ़ और खीच लिया और मेरे होंठ को चूसने लगे अब पीछे से भैया को इशारा किया कि तू भी अपना लण्ड इसकी चूत में घुसेड़ दे पर भैया इतना समझदार नहीं था वो अपने लण्ड को मेरी गाण्ड के छेद में घुसेड़ने लगा।

तब मैंने कहा अब्बु भैया तो गाण्ड में मारने जा रहा है.
तब भैया ने कहा- साले बहनचोद मैं कह रहा हूं कि बहन कि चूत में डाल और तू है कि गाण्ड के पीछे पड़ा है तब भैया ने कहा कि इसमे तो आप डाले हुए है मैं कहां से डालूं?

तब अब्बु ने कहा- साले आजकल के लड़के तो बस चूत मारना और गाण्ड मारना जानते है साले बस लड़की कि टांग उठाई और लगे चोदने, अरे साले हरामी जिसमे मैं डाले हूं उसी में तू भी अपना लण्ड डाल।

तब अब्बु ने मुझसे कहा- बेटी तू ज़रा अपनी बुर और उपर कर दे ताकि इस बहनचोद को साफ़ साफ़ नज़र आये तेरी चूत और फ़िर मैंने अपनी चूत और उपर उठा दी।

अब भैया अपने लण्ड को मेरी चूत पे रख कर घिसने लगा पर मेरी समझ में खुद भी नहीं आ रहा था जब अब्बु का लण्ड मेरी चूत में घुसा है।

तब भैया का लण्ड कैसे जायेगा हां अगर अंगुली पेलनी होती तो वो जा सकती थी पर मैं खमोश थी आखिर भैया ने बहुत ज़ोर देकर अपने लण्ड कि टोपी मेरी चूत में डाल ही दी और तब मुझे बहुत दर्द हुआ।

आआअह्हह ऊऊओह्हह अम्मीईई अब्बु बहुत दर्द हो रहा है ।

तब अब्बु ने कहा कि क्या भैया का पूरा लण्ड चला गया अन्दर। तब मैंने कहा नहीं अभी तो सिरफ़ टोपी ही गई है तब भैया ने एक धक्का और मारा और अब भैया का करीब चार इन्च लण्ड अन्डर घुस गया था।

मैं चीख रही थी- आआअह्हह अब्बूऊऊ जीईई पलज़्ज़ रहम कीजिये, मैं मर जाउगींईई आआह्ह्ह!

तब अबु मेरी चूंची को दबाते हुए बोले- बेटी अभी तुझे बहुत मज़ा आयेगा, जब दो लोगों का लण्ड एक साथ बुर में जाता है तब बहुत मज़ा आता है क्यूंकि मैंने तेरी अम्मी को भी इस तरह से तेरे चचा के साथ चोद चुका हूं!

और तब ही मेरे भैया ने एक और धक्का मारा और मेरा बेलेन्स बिगड़ गया और मैं अब्बु के सीने पर गिर गई और मेरी आंख से आंसू निकलने लगे और मेरी सिसकियाँ बंध गई।

अब भैया और अब्बु का पूरा पूरा लण्ड मेरी चूत में था और एक दूसरे के लण्ड से रगड़ खा रहा था और मेरी चूत कि दरार फ़ैलती जा रही थी.

अब मुझे भी दर्द कि जगह मज़ा आने लगा था और मैं धीरे धीरे उन दोनों का साथ देने लगी थी आआह्हह आआअह्हह्हह अब्बु बहुत अच्छा लग रहा है और अन्दर कीजिये आअह्ह ह्हह ऊऊफ़्फ़ कसम से बहुत मज़ा आ रहा है!

और अब दोनो बहुत ही जोरदार धक्के लगा रहे थे साथ साथ मेरी दोनो चूंची को भी मसल रहे थे तब ही कि तब का लण्ड मेरी चूत में झड़ा पर मैं समझ नहीं पाई कि किसका पानी मेरी चूत में गिरा है!

फ़िर कुछ देर बाद मैंने अपनी चूत में एक बार फ़िर से पानी कि फ़ुहार महसूस कि और फ़िर दोनो के लण्ड ढीले हो गये पर मैं अभी झड़ी नहीं थी तब मैंने अब्बु से कहा साला बेटी चोद कर अपना पानी तो आप लोगों ने निकाल लिया पर मेरा तो अभी पानी भी नहीं निकला साले अगर जलदी ही मेरी प्यास नहीं बुझाई तो तुम दोनों का लण्ड काट लूंगी।

तब अब्बु ने मुझे झट से अपने लण्ड पर बैठा लिया और मेरी चूंची को चूसते हुए बोले मेरी रानी ऐसे बात ना करो आज देखो मैंने तुमको कितना मज़ा दिया है और अभी तुम्हारा पानी भी निकाल देता हूं और फ़िर मुझसे कहा तुम ऐसा करो कि भैया से एक बार गाण्ड मरवा लो तुम्हारा पानी भी निकल जायेगा।

तब मैंने कहा- अबे जहील कहीं गाण्ड मरवाने से भी पानी निकलता है बेटीचोद, मेरी बुर में खाज है और तू गाण्ड मरवाने कि बात कर रहा है।

तब अब्बु ने कहा बेटी मैं बुर मारुंगा भैया गाण्ड मारेगा और उसके बाद भैया ने मेरी जम कर गाण्ड मारी और आगे से अब्बु मेरी चूत में अपना लण्ड पेले जा रहे थे अब मुझे दो तरफ़ से मज़ा मिल रहा था।

एक साथ बुर और गाण्ड मरवाने का थोड़ी देर बाद ही मैं झड़ गई और मेरी चूत से फ़स फ़स की अवाज़ आने लगी।

तो दोस्तों कैसे लगी मेरी कहांनी अपने मैल के द्वारा ज़रूर बताइयेगा और हां लड़कियाँ भी बेहिचक अपने मेल भेज सकती है ।
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